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क्यों दीवाली से पहले मनाया जाता है धनतेरस जाने कैसे करे माँ लक्ष्मी को खुश?

Dhanteras Kyu Manaya Jata Hai – दोस्तों इस बार धनतेरस 2 नवंबर 2021 को है। और हर साल धनतेरस के दिन बहुत धूम धाम से माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पर क्या आपने कभी यह सोचा है की आखिर हर साल दिवाली के पहले धनतेरस क्यों मनाई जाती है? जी हाँ अगर आपके मन में भी यह सवाल आया है जो आज के इस आर्टिकल में हम आपको सभी जानकारी देने वाले है।

और इतना ही नहीं यह भी जानेगे Dhanteras 2021 Date, Puja Timings, Muhurat. धनतेरस जिसे की धन त्रयोदशी के नाम से भी जानते है, दीवाली के दो दिन पहले मनाया जाता है। यह पर्व मुख्यत: भारत देश के हिन्दू धर्म के लोगों के द्वारा मनाया जाता है। धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि, भगवान कुबेर और मृत्यु के देवता यमराज की भी पूजा की जाती है।

जैसे की इसका नाम ही है धनतेरस तो इसका सीधा सम्बन्ध ही धन और सम्पदा से है। तो इस दिन जो भी व्यक्ति माता लक्ष्मी की पूजा करता है उसे उस पूजा का विशेष फल मिलता है। यह पूरा दिन बहुत शुभ होता है मन जाता है की इस दिन यदि कोई सोना, चांदी या बर्तन खरीदता है उसमे दिन दुगनी और रात चौगुनी बरकत होती है। चलिए आपको हम बतायेगे इसके बारे में सब कुछ और बतायेगे कुछ विशेष उपाए जिससे आप पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा हो जाये। तो चलिए शुरू करते है।

धनतेरस क्या है?

Dhanteras या इसे हिंदी में धनतेरस भी कहा जाता है, इसे Dhanatrayodashi या धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनत्रयोदशी ही वो पहला दिन है इसी दिन से दिवाली की शुरुवात होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि धनतेरस का त्योहार आता है और इस दिन कुछ वस्तुओं को खरीदना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि धनतेरस के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से घर में सुख समृद्धि आती है और कभी पैसों की कमी नहीं आती।

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धनतेरस यूँ तो हिन्दुओं का मुख्य त्यौहार है लेकिन भारत में सभी शर्म के लोग इसे खूब धूम से ख़ुशी से मनाते है। इस दिन सबसे ज्यादा भीड़ सोने चांदी की दुकानों में देखने को मिलती है। इस दिन से घरो और मंदिरों में दिवाली के दिन तक दिया जलाने की प्रथा होती है।

धनतेरस की कहानी

जैसे की हर त्यौहार के पीछे कोई कहानी होती ही है ऐसे ही धनतेरस की भी कथा है। यह कथा कुछ ऐसी है कि कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन समुद्र मंथन के समय समुद्र से भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी जी प्रकट हुई थी। धन्वंतरि जी को देवताओं का चिकित्सक भी माना जाता है। क्योंकि मान्यता है कि जब महर्षि धन्वंतरि प्रकट हुए थे तो साथ ही आयुर्वेद का ज्ञान भी लेकर आये थे। इसीलिए भगवान धन्वंतरि की पूजा से आरोग्य, सौभाग्य और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है।

और भगवान धन्वंतरि के नाम पर ही इस त्यौहार का नाम धनतेरस पड़ गया। जब भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे तो वे कलश धारण किये हुए थे और उस पात्र में अमृत था। वहीं माँ लक्ष्मी जी के हाथ में कौड़िया थी। और तभी से इस दिन धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन यमराज की पूजा करने का भी महत्व माना गया है।

वर्ष 2021 में धनतेरस का पर्व कब है?

2021 में धनतेरस मंगलवार, 2 नवम्बर को है।

धनतेरस की पूजा विधि (Dhanteras 2021 Puja Vidhi)

धनतेरस पर प्रदोष काल 2 नवंबर 2021 शाम 05:35 से 08:11 तक है। वहीं, वृषभ काल शाम 06:18 से शाम 08:14 तक है। अगर हम पूजा विधि की बात करें तो धनतेरस के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान आदि कर के धनतेरस पूजा की तैयारी शुरू करें। पूजा की तैयारी करने के बाद घर के ईशान कोण में धन्वंतरी भगवान की पूजा करें। पूजा करते समय अपने मुंह को हमेशा ईशान, पूर्व या उत्तर दिशा में ही रखें।

Dhanteras 2021: खरीदारी का शुभ मुहुर्त

हिन्दू मान्यता के अनुसार धनतेरस के दिन नया सामान घर में लाने का विशेष महत्व होता है। ऐसे में यदि आप भी धनतेरस के दिन कोई नई वस्तु खरीदना चाहते हैं तो शुभ मुहुर्त में खरीदें। क्योंकि ऐसा करने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होगी और सुख-समृद्धि आएगी। यदि आप इस दिन सोना-चांदी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो शाम 6 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 11 मिनट तक शुभ मुहुर्त रहेगा। वहीं बर्तन व अन्य चीजें खरीदने के लिए शाम 7 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 15 मिनट तक का समय शुभ है।

धनतेरस पर क्या खरीदें?

वैसे यह तो आपके ऊपर निर्भर करता है की आप क्या लेना चाहते है और आपके पास कितना बजट है। लेकिन हम यहाँ आपको कुछ समान बता रहे है आप उसमे से अपनी पसंद का कोई भी सामान ले सकते है जैसे- सोना, चांदी, पीतल, धनिया और झाड़ू खरीदना भी शुभ होता है। इसके अलावा लोग धनतेरस के दिन कार, मोटर साइकिल और जमीन-मकान भी खरीदते हैं। कहा जाता है कि धनतेरस पर जो भी वस्तु खरीदी जाती है उसमें सालभर 13 गुना की बढ़ोत्तरी होती है।

Hair Fall kyu hota hai?

साथ ही लोग इसी दिन दिवाली के लिए गणेश लक्ष्मी की मूर्ति भी खरीदते है। इसके साथ ही इस बाज़ारो की रौनक तो देखते ही बनती है। बच्चो के लिए कपडे पटाखे आदि भी खरीदे जाते हैं।

मेरी बात

मुझे उम्मीद है की आपको मेरा यह पोस्ट धनतेरस क्यों मनाया जाता है जरुर पसंद आएगा। Dailyhindihelp.Com हमेशा यही कोशिश रहती है की पाठकों को धनतेरस हिंदी के बारे में पूरी जानकारी दी जाये। जिससे की उन्हें किसी दूसरी Sites या Internet पर उस Article के विषय में खोजने की जरुरत ही न पड़े।

इससे आपके कीमती समय की बचत होगी और एक ही जगह पर आपको सारी Information भी मिल जाएगी। अगर फिर भी आपके मन में इस Article को लेकर कोई भी सवाल या Doubts हैं या आप चाहते हैं की इस लेख में कुछ सुधार होना चाहिए तो इसके लिए आप हम Comments कर के बता सकते हैं।

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