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Meditation In Hindi चिंतन करें चिंता भगाएं

Meditation in hindi – आमतौर सभी इंसान मैडिटेशन को योग या प्रार्थना से जोड़ते हैं लेकिन ये कोई पूजा प्रार्थना नहीं है। मैडिटेशन एक साधन है जिससे व्यक्ति को आत्मीय और मानसिक शांति प्राप्त करना सुगम हो जाता है। मैडिटेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 15 मई को विश्व मैडिटेशन डे मनाया जाता है। मैडिटेशन हमे उस अवस्था में ले जाता है जहाँ पर हम आत्मिक शांति और मन की संतुष्टि तो पा ही सकते है हैं साथ ही पा सकते हैं अच्छा स्वास्थ्य।

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Meditation Yoga

आपको जानकर काफी हैरानी होगी की आप किसी भी वक़्त और कही पर भी meditate कर सकते हैं। मेडिटशन आपको उस मनः स्तिथि तक पहुँचाती है जहाँ आपको असीम शांति का अनुभव होता है। आपको यह भी ध्यान नहीं रहता है की आप कहाँ है या आपके आस पास क्या चल रहा है। इस लेख के जरिये हमारा प्रयास है की हम आपको मैडिटेशन से जुडी सभी बातें विस्तार से बता दें। जिससे आप भी मैडिटेशन के जरिये सुख और ज्ञान के रास्ते पर आगे बढ़ सकें।(Kaise Dhyaan lagaye, Meditation Kare)

1- ध्यान के लिए तयारी (Preparations For Meditation)

ध्यान या मैडिटेशन में आपको सिर्फ और सिर्फ अपने मन पर ही फोकस करना है। यह एक अभ्यास जनित तकनीक है मतलब प्रैक्टिस करते करते आपको मैडिटेशन करना आ जायेगा। जब आप कई दिनों तक या काफी वक़्त तक meditation करते हैं तो आपको अभ्यास हो जाता है और आप कही पर किसी भी अवस्था में ध्यान लगा सकते है। लेकिन शुरुआती समय में आपको एकाग्रचित होने में वक़्त लगता है। इसलिए शुरू शुरू में meditation करते वक़्त कुछ तैयारी कर लेनी चाहिए।

शांत स्थान का चुनाव जरूरी है

meditation करते वक़्त सबसे ज्यादा जरूरी है की आप किसी ऐसी जगह को चुने जहाँ शांति हो शोर न हो रहा हो। जहाँ का वातावरण आरामदायक हो। एक शांत स्थान आपको एकाग्र होने में मदद करेगा और आपके मन को भटकने से भी बचाएगा। इसलिए कोई ऐसी जगह या स्थान ही चुने जहाँ कोई भी व्यक्ति आपको डिस्टर्ब न करे या कोई भी चीज़ आपके ध्यान योग को भांग न करे चाहे ध्यान 5 मिनट हो या 1 घंटे। ध्यान का स्थान कोई भी हो सकता है बशर्ते वहां बिलकुल शांति हो।

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Meditation meaning in hindi

* कुछ लोग ध्यान करते वक़्त म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं तो हम आपसे कहेंगे की आप किसी शांत और हलके संगीत का ही चुनाव करें। कोई ऐसा संगीत न चुने जो शोर मचाने वाला हो। शांत और मधुर संगीत ध्वनि आपको ध्यान लगाने में मदद करेगी और बाहरी अवरोधों से भी बचाएगी।

* जिन लोगों ने अभी अभी ध्यान लगाना शुरू किया है उनके लिए यह जरूरी है की वो टीवी फ़ोन जैसे उपकरणों को ध्यान लगते वक़्त खुद से दूर रखें।

* कुछ लोग जो किसी पार्क, मैदान या खुली जगह में ध्यान लगाते हैं वो कही सड़क के काफी नज़दीक वाले स्थान पर ध्यान न लगाएं।

* अक्सर देखा गया है की घास वाली जगह और पेड़ों के नीचे बैठकर ध्यान लगाने में आसानी होती है।

आरामदायक और थोड़े ढीले वस्त्र पहने (Meaning In Hindi)

ध्यान करने के लिए जितना ही जरुरी है सही जगह पर ध्यान करने बैठना उतना ही जरूरी यह भी है की आप आरामदायक कपडे पहने। ध्यान का पहला उद्देश्य है मन को शांत करना इसलिए meditation (in hindi) करते वक़्त तंग, कसे हुए और चुभने वाले वस्त्र बिलकुल न पहने। साथ ही आपको ध्यान करते वक़्त जूते भी नहीं पहनने चाहिए।

* अगर आप किसी जगह पर हैं जहाँ गरमी है तो कॉटन के कपडे पहने। और पानी की बोतल भी साथ रखें।

* अगर ध्यान ठंडी जगह पर करना है, तो स्वेटर जरूर पहनें। ऐसा न करने पर ठंड लगेगी जिससे आपके विचार भंग हो सकते हैं और आप अपने अभ्यास को कुछ ही समय में रोक देने पर मजबूर हो जाएंगे।

समय निर्धारित करें (Meditation Meaning In Hindi)

Meditation शुरू करने के पहले ही तय कर लें की आपको कितनी देर तक ध्यान करना है। आप लोग कितनी देर ध्यान करेंगे यह पूरी तरह आपके अभ्यास और सुविधा पर निर्भर करता है। शुरू में आपको 5 मिनट का ध्यान करना ठीक है उसके बाद आप समय धीरे धीरे बढ़ा सकते हैं।

* निर्धारित समय के लिए ध्यान करने के साथ ही निर्धारित समय पर ध्यान करना भी बहुत जरूरी है। आपको एक समय निश्चित कर लेना चाहिए और उसी नियत वक़्त पर ध्यान लगाना चाहिए। (Kaise Dhyaan lagaye, Meditation Kare) आप चाहे तो सुबह का वक़्त चुने या फिर शाम का। लेकिन ये आपकी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी का अभिन्न अंग होना चाहिए।

कितना वक़्त हो गया है ये जानने के लिए ध्यान के बीच में बार बार घडी न देखे। समय जानने के लिए आप कोई अलार्म सेट कर दें। पर ध्यान रहे कोई मधुर ध्वनि का अलार्म ही लगाएं।

नकारात्मक न सोचे

कई बार शुरू में ऐसा होता है की साड़ी चीज़ो का ध्यान रखने के बाद भी आप ध्यान लगाने में सफल नहीं हो पते। कई बार आपका ध्यान टूटता है ऐसे में निराश होकर नकारात्मक न सोचें। मैं कर सकता हु का विचार करके शांत होकर meditation (in hindi) करें। ध्यान लगाने में सफल होने के लिए निरंतर प्रयास करना बहुत जरूरी है।

आरामदेह पोजीशन में बैठें

जैसा की हमने बताया की ध्यान लगाने के लिए आरामदेह कपडे और शांत जगह का महत्व है। उसी तरह एक आरामदायक मुद्रा या पोजीशन में बैठना भी बहुत जरूरी है। अगर आप किसी गलत मुद्रा का चुनाव करते हैं तो ये आपके ध्यान में बढ़ा उत्पन्न करेगा।

* आपके ध्यान की मुद्रा का चुनाव आप अपनी पसंद से करें। मुद्रा ऐसी होनी चाहिए जिसमे आप कितनी भी देर ध्यान लगा सकें। वैसे अपने कई लोगों को देखा होगा जो की जमीन पर दरी या आसन लगा कर पद्मासन की पोजीशन में meditate करते है। लेकिन वही हो सकता है की आपको उस मुद्रा में असहज महसूस हो।

* सबसे ज्यादा जरूरी है है मुद्रा ऐसी हो जिसमे आपके शरीर का संतुलन बना रहे और आपका शरीर शिथिल हो। आपकी गर्दन, कंधे, पीठ, कमर और कूल्हों में संतुलन हो चाहिए। यही किसी अंग में खिंचाव महसूस हो रहा हो तो उसे ढीला छोर दें।

* Meditation (in hindi) की पारंपरिक मुद्रा में दोनों हथेलियों को ऊपर की ओर करके दायी हथेली को बायीं पर रखकर इन्हें गोद में रख लिया जाता है। हालांकि,आप चाहे तो हाथों को अपने घुटनों पर भी रख सकते हैं या इन्हें दोनों बगलों से लटकता हुआ भी छोड़ सकते हैं।

स्ट्रेचिंग करना जरूरी है

Meditation में काफी वक़्त तक एक ही पोजीशन में रहना पड़ता है जिससे आपके शरीर में जकड़न या खिंचाव हो सकता है। इसलिए, meditate करने से पहले 2 मिनट तक streching जरूर कर लेनी चाहिए। यह आपके मन को ध्यान से हटकर शरीर के किसी दुखते बिंदु पर जाने से भी रोकेगा।

* अगर आप कंप्यूटर के सामने बैठे हैं, तो ज़रूर गर्दन और कंधों की स्ट्रेचिंग कीजिए, और पीठ के निचले हिस्से को तो बिलकुल भी मत भूलिए। पद्मासन में ध्यान करने के लिए पैरों को, खासकर जांघ के भीतरी भाग को फैलाना और खींचना सहायक होता है। * अगर आपको स्ट्रेचनिंग करना नहीं आता है तो मेडिटेशन करने से पहले अलग अलग स्ट्रेचनिंग सीखने का प्रयास करें। कई meditation experts,meditation करने से पहले स्ट्रेचनिंग करने की सलाह देते हैं।

आँखों को बंद करें (Meditation in hindi)

meditation करते वक़्त आप चाहे तो आंखे खुली रखें या फिर बंद। मगर जब आप शुरू में मेडिटेट करते है तो आपका मन इतना एकाग्र नहीं होता है। और ऐसे में अगर आप आंखे खोलकर योग करते हैं तो बहुत अधिक संभावनाएं हैं की आप ध्यान न लगा पाएं। आप जब ध्यान करने के अभ्यस्त हो जाते हैं उसके बाद आप चाहे आंखे खुली रखें या बंद कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

2- Meditation की शैलियां

अपनी साँसों पर ध्यान केंद्रित करें

यदि अपने अभी अभी meditation (in hindi) शुरू किया है है तो आपको शुरुआत अपने सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से करनी चाहिए। इसके लिए आप अपने नाभि से ऊपर किसी बिंदु को चुन लें और मन को उसी जगह केंद्रित करने का प्रयास करें।

जब आप साँस लेते और छोड़ते है तो इसके साथ ही आपका पेट भी उसी क्रम में अंदर बहार होता होगा तो आप अपने पेट के अंदर बाहर होने के क्रम पर ध्यान लगाने की कोशिश करें। आराम से साँस लें और छोड़ें। ऐसे में कभी कभी व्यक्ति यह सोचता है की पिछली साँस लम्बी थी या छोटी थी या सांसे गिनने लगता है। आपको ध्यान नहीं भटकाना है आराम से साँस लेते और छोड़ते रहे।

हो सकता है की शुरू में आपको एकाग्र होने में कठिनाई हो लेकिन आपको निरंतर इसी क्रम को जारी रखना है। हर तरह की अशांति को भुला कर शांति की ओर बढ़ें।

मंत्र बोलें

ध्यान लगाने में मंत्र ध्यान काफी अच्छा है। मंत्र ध्यान से आप समझ प् रहे होंगे। इसमें आपको कोई मंत्र या शब्द को बार बार दोहराना होता है। सबसे अच्छा मंत्र और जिसे ज्यादातर लोग उपयोग करते हैं वह है ॐ । लेकिन आप चाहे तो कुछ अन्य शब्द जैसे मौन, शांति आदि भी बोल सकते हैं।

मंत्र आपको आपकी चिंता से चिंतन की ओर ले जाने का सरल मार्ग है। यह आपके मन में शांति का कम्पन पैदा करता है। जिससे आप खुद को तनाव मुक्त महसूस करते हैं। मन्त्र को शांति से बार-बार दोहराते जाइए, और मंत्र को पूरे मन-मस्तिष्क में गूँजने दीजिए।

हो सकता है की जब आप गहरे अनुभव और चेतना की ओर प्रवेश कर जाएँ तो फिर मंत्र को दोहराना अनावश्यक लगे। मन भटकने लगे तो परेशान मत होइए, अपने ध्यान को फिर से एकाग्र कीजिए और शब्द को बार-बार दोहराने में लग जाइए।

किसी वास्तु पर ध्यान लगाएं

अगर आप मंत्र बोलना नहीं चाहते तो आप किसी वास्तु पर अपना ध्यान लगाएं। यह ध्यान खुली आँखों से होता है आप किसी भी वास्तु पर ध्यान लगा कर गहरी चेतना के नए स्तर तक पहुंच सकते हैं। कई लोगों को ये तरीका काफी आसान लगता है क्यूंकि इस दौरान व्यक्ति को पता होता है की उन्हें ध्यान कहाँ केंद्रित करना है। कई लोग मोमबत्ती की लोह पर अपना ध्यान लगते हैं तो वही कई लोग क्रिस्टल या किसी बिंदु या मूर्ति पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

वास्तु पर ध्यान केंद्रित करते वक़्त वास्तु को उचित दुरी तथा ऊंचाई पर रखें। ताकि देखने में आपको कोई असहजता अनुभव न हो। आप पाएंगे की धीरे धीरे वह वास्तु धुंधली पड़ती जाएगी। और आप गहरी चेतना में पहुंच जायेंगे।

आत्मकाया निरीक्षण

आत्मकाया निरीक्षण नाम से आपको कुछ अंदाज़ा तो लग रहा होगा। इसमें आप अपने शरीर के हर अंग पर ध्यान लगाते हैं। ये काफी आसान तरीका है इसमें शरीर को आराम देते हुए व्यक्ति मन को आराम देने की स्तिथि में चला जाता है। आपको बस अपनी ऑंखें बंद कर के शरीर का कोई कोई आरम्भ बिंदु चुन लेना है। चाहे माथे की ललाट पर या पैर के अंगूठे पर कही से भी आराम कर सकते हैं।

आप जिस जिस अंग की और धीरे धीरे बढ़ते जाएँ उसे शिथिल छोड़ते जाएँ। इसी तरह पुरे शरीर को आराम की स्तिथि में ले जाने के बाद एक साथ पुरे शरीर पर ध्यान केंद्रित कीजिये, और सुख के अनंत सागर में खो जाइये।

हृदय चक्र पर मैडिटेशन

आपको पता हो की हृदय चक्र हमारे शरीर में स्तिथ सात चक्रों में से एक है। ह्रदय चक्र सीने के ठीक बीचो बीच स्तिथ है और दया, प्रेम करुणा से सम्बंधित है। हृदय चक्र पर meditation(meaning in hindi) करने के लिए सबसे पहले अपनी आंखे बंद कर लें और अपने हाथों को आपस में रगड़ कर थोड़ा गरम कर लें जिससे ऊर्जा पैदा होगी ।

अब, अपने दाहिने हाथ को छाती के बीचो-बीच, ह्रदय-चक्र के ऊपर रखिये, और बाएं हाथ को दाएं हाथ के ऊपर रख लीजिए। एक गहरी सांस लीजिए और जैसे-जैसे साँस छोड़ें, “याम” शब्द का उच्चारण करें, जो कि ह्रदय-चक्र के कम्पन से जुड़ा हुआ है।

ऐसा करते हुए, सोचिये की जैसे आपके सीने और हथेलियों से एक चमकती हुई हरे रंग की ऊर्जा की निकल रही है। हरे रंग की यह ऊर्जा प्रेम और सकारात्मक विचार है। जब आप तैयार हो जाएँ, और अपने सीने से अपने हाथ हटा लीजिए और संसार में अपनी ऊर्जा प्रसारित होने दीजिए।

Meditation In Daily Life

क्या आप जानते हैं की न सिर्फ अलग से वक़्त निकल कर बल्कि व्यक्ति अपनी रोज़मर्रा के जीवन में हर पल मैडिटेशन कर सकता हैं। तनाव के क्षणों में, कुछ वक़्त अपनी सांसों पर पूरी तरह ध्यान लगाने और किसी भी नकारात्मक विचार से अपने दिमाग को मुक्त करने की कोशिश कीजिए।
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप रोज़मर्रा में क्या काम कर रहे हैं, कंप्यूटर के सामने बैठे हैं या झाडू लगा रहे हैं, अपने शरीर की गतिविधियों के प्रति और सजग होने की कोशिश कीजिए।

एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाइये। नियमित आहार, व्यायाम और अच्छी नींद लें। ध्यान लगाने में सबसे अधिक कठिनाई तब आती है जब कोई बुरी आदत आपमें होती है तो ध्यान लगाने वक़्त आपको अपनी बुरी आदतों जैसे शराब पीना आदि छोड़ देनी चाहिए।

मेरी बात

हमे उम्मीद है की आपको हमारा यह लेख meditation in hindi  जरुर पसंद आया होगा। www.dailyhindihelp.com की हमेशा यही कोशिश रहती है की पाठकों को कार से पैसे कमाने के तरीक़े के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये। जिससे आपको किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत न पड़े।इससे आपके कीमती समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में सभी जानकारी भी मिल जाएगी। यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी सवाल हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तो इसके लिए आप नीचे कमैंट्स लिख सकते हैं.

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